
वंदेभारतलाइवटीव न्युज,17 अगस्त 2025-: केंद्रीय चुनाव आयोग ने आज नेशनल मीडिया सेंटर में प्रेस कांफ्रेंस किया ।प्रेस कांफ्रेंस में चुनाव आयोग के कमीश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पीपीटी मे दिखाया गया डेटा हमारा नहीं है। मतदाताओं को फर्जी बतलाना गलत है। सात दिनों में वोट चोरी के आरोपों पर हलपनामा देना होगा या फिर देश से इसके लिए माफी मांगना होगा। विपक्षी दल के वोट चोरी और एक पार्टी के साथ सांठगांठ के आरोपों पर इलेक्शन कमीश्नर ने कहा कि हमारे लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं है। चुनाव आयोग के लिए सभी राजनीतिक दल बराबर हैं। सही समय पर त्रुटि हटाने के लिए आवेदन न हो और बाद मे वोट चोरी जैसे गलत शब्दों का उपयोग कर आम जनता को गुमराह करना लोकतंत्र का अपमान है। इलेक्शन कमीश्नर ने कहा कुछ मतदाताओं ने वोट के आरोप लगाए गए इसके लिए सबूत मांगने पर आरोपों का सही जवाब नहीं मिला। इलेक्शन कमीश्नर ने कहा चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर आम मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है तो ऐसे मे चुनाव आयोग निडरता पूर्वक आम गरीब, बुजुर्ग महिला , युवा सभी धर्मों के लोगों के साथ खड़ा है और खड़ा रहेगा। ज्ञात हो कि संसद मे विपक्ष दल के नेता राहुल गांधी ने सात अगस्त को चुनाव आयोग पर वोट चोरी करने का आरोप लगाए थे।।राहुल गांधी ने कहा वोट चोरी किए जा रहे है, हमारे पास सबूत है कि इस वोट चोरी मे चुनाव आयोग भी शामिल है।। राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट गड़बड़ी पर लगभग एक से सवा घंटे तक प्रेजेंटेशन दिया गया। राहुल ने टीवी स्क्रीन पर कर्नाटक की वोटर लिस्ट दिखाते हुए कहा था कि वोटर लिस्ट मे गलत वोटर भी शामिल है। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र राज्य चुनाव मे भी वोट चोरी का आरोप लगाया था। मुख्य चुनाव कमीश्नर ने कहा कि कुछ लोग गुमराह कर रहे है कि एसआईआर मे हड़बड़ी क्यों? चुनाव से पहले वोटर लिस्ट मे सुधार होना चाहिए कि बाद मे। मुख्य चुनाव आयोग ने कहा पिछले बीस साल से एसॢआईआर नही किया गया। अभीतक देश मे दस बार एसआईआर किया गया है। एसआईआर का प्रमुख उद्देश्य मतदाता सूची को सही करना है। राजनीतिक दलों से कई शिकायते प्राप्त होने के बाद एसआईआर किया जा रहा है।।चुनाव आयोग ने कहा यदि शिकायत कर्ता उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नही है तो आपके पास कानून मे केवल एक ही विकल्प बचता है कि निर्वाचक पंजीकरण नियम, नियम संख्या 20 उपखंड (3) उपखंड (B) यह कहता है कि आप उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नही है तो फिर आप गवाह के रूप मे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। और आपको निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को शपथ भी देनी होगी। शपथ उस व्यक्ति के सामने दिलानी होगी जिसके खिलाफ आरोप लगाए गए है।





